गन्ना के स्वास्थ्य लाभ कौन-कौन से हैं | Sugarcane Health Benefits in Hindi

Sugarcane Health Benefits in Hindi : अगर आप चीनी का इस्तेमाल कम करना चाहते हैं और उसकी जगह पर कोई नया ट्राई करने का सोच रहे हैं, तो आपको गन्ने के बारे में ज़रूर सोचना चाहिए। इस पोस्ट में हम गन्ना के स्वास्थ्य लाभ आपको बताने वाले हैं। आप अपने हेल्थ को ध्यान में रख कर कौन से स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थ खरीदते हैं? ज़ाहिर हैं आपके अधिकांश उत्तरों में ओट्स, नट्स, ड्राई फ़्रूट जैसे प्रोडक्ट शामिल होंगे।

गन्ने के बारे में आप कभी नही सोचे होंगे। कई लोग तो सोचते हैं कि गन्ना में चीनी की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है इसलिए लोग इसका सेवन करने से बचते हैं। लेकिन अगर आप कुछ दशक पहले ही देखें तो गन्ने के रस को पारंपरिक रूप से एक ताज़ा पेय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। आज भी गर्मी के मौसम में रोड के किनारे पूरे देश में गन्ने के जूस बेचने वाले आपको दिख ही जाते होंगे। गन्ना उच्च पोषण प्रदान करने के साथ एक स्वादिष्ट रसदार पेय भी माना जाता है। गन्ना आपको मोटा नहीं बनाता ये बात आप गाँठ बांध लें।

NOTE : डायविटिक मरीज़ गन्ने के रस का सेवन किसी भी रूप में बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल भी ना करें।

Sugarcane Health Benefits in Hindi


Sugarcane (गन्ना)

ब्राजील के बाद भारत विश्व में गन्ने का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। भारत में उगाए जाने वाले अधिकांश गन्ने का उपयोग चीनी और गुड़ बनाने के लिए किया जाता है। इसके बाद ब्राउन शुगर बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। अंत में ब्राउन शुगर को रसायनों और सल्फर का उपयोग करके संसाधित किया जाता है उसके बाद चीनी निकलती है।

इसके शेष बचे रेशेदार कचरे का उपयोग ईंधन के रूप में या कागज और ध्वनि इन्सुलेट बोर्ड बनाने के लिए किया जाता है। साथ ही कुछ देशों में इसका इस्तेमाल शराब बनाने में भी किया जाता है। भारत में अब एथेनाल के उत्पादन के लिए भी गन्ने का इस्तेमाल होने लगा है।

एक गिलास गन्ने का रस स्वास्थ्य फायदे से भरा हुआ होता है। तो, गन्ना हमारे स्वास्थ्य के लिए कैसे सहायक है? आइए जानते हैं :


Sugarcane Health Benefits in Hindi

सबसे पहले तो ये जान लें की यह ताज़ा होता है और आपके आहार में स्वस्थ कार्ब्स भी जोड़ता है। याद रखें कि कार्ब्स शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्रोत होते हैं।

गन्ना हेल्थी ओरल माइक्रोबायोम को बनाए रखने में सहायक होता है। गन्ने का रस पीने की बजाय उसको चबा कर उसका रस ग्रहण करना ज़्यादा अच्छा माना जाता है। यह दांतों को मजबूत और स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। गन्ना सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होता है और लीवर के स्वास्थ्य में भी मदद करता है।

इसमें विटामिन बी1 (थायमिन) और विटामिन बी2 (राइबोफ्लेविन) भी की मात्रा पाई जाती है। गन्ना के डंठल में थोड़ी मात्रा में आयरन और मैग्नीशियम भी शामिल होता है। जो हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है।

कई पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ने का रस रिफाइंड की गई चीनी से बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गन्ने में मूत्रवर्धक गुण (Diuretic Properties) होती हैं, जो हमारी किडनी से अतिरिक्त नमक और पानी को बाहर निकालने में मदद करते हैं।इसलिए, यह गुर्दे के समुचित कार्य के लिए भी उपयोगी है।

गन्ने में एंटीऑक्सिडेंट की एक उच्च खुराक पाई जाती है, जो हमारी कोशिकाओं के लिए हानिकारक मुक्त कणों से लड़ने में मदद करती है। इसलिए, वे एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के निर्माण में भी मदद करता है।

हम सब की एक धारणा ये है कि गन्ना में चीनी की मात्रा ज़्यादा होती है, जो हमें मोटा कर सकती है। जबकि सच ये है कि इसका उपयोग वजन घटाने वाले आहार में किया जा सकता है।

मध्यम मात्रा में सेवन करने पर गन्ने और इसके डेरिवेटिव के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। गन्ने को चबाने या गन्ने के रस का सेवन करने से गर्भवती महिलाओं और मधुमेह रोगियों को लाभ होता है, साथ ही एंटीऑक्सिडेंट को बढ़ावा मिल सकता है। हमारी राय ये है कि - कोई भी मधुमेह रोगी डॉक्टर की सलाह के बिना गन्ना का इस्तेमाल ना करें।

जब गन्ने का रस निकाला जाता है, तो उसमें केवल पन्द्रह प्रतिशत कच्ची चीनी होती है। यह हमारे द्वारा खाए जाने वाले कुछ नियमित फलों के रस में मिलने वाली चीनी की मात्रा से कम होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) कम होता है।

गन्ने के रस में कैल्शियम, तांबा, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जस्ता, लोहा और पोटेशियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज भी होते हैं। यह विटामिन ए, बी1, बी2, बी3 और सी का समृद्ध स्रोत है।

दांतों की सड़न और मुँह की खराब सांस जिसे बदबू दार साँस कहते हैं जो रोकने में गन्ना मदद करता है क्योंकि इसमें कई तरह के खनिज पाए जाते हैं जो ओरल हेल्थ हो सही करते हैं।

गन्ना हमारे लीवर के लिए भी फ़ायदेमंद है। लीवर को हेल्थी रखता है जिसकी वजह से इसे पीलिया के निदान में सहायक माना जाता है। गन्ना हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करने के साथ सभी ज़रूरी पोषक तत्व प्रदान करता है।

गन्ने के रस के बारे में आयुर्वेद में कहा गया है कि यह कब्ज में राहत दिलाने में मदद करता है क्योंकि इसमें क्षारीय गुण होते हैं। इसी क्षारीय गुण की वजह से गन्ने का रस हमारे पेट की अम्लता और जलन के इलाज में सहायक होता है।


निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने आपको गन्ने के स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताया है। आशा करते हैं कि आपको हमारी यह पोस्ट '' पसंद आएगी। इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में ज़रूर शेयर करें।

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